Wednesday, March 9, 2011

तेरे इश्क में........

अजब मोड़ पर लायी है जिन्दगी
जहाँ मुझको मेरा ही पता नहीं
हर शै में है उसकी ही रौशनी
कोई जगह बची जहाँ वो नहीं

ये गुनाह नहीं कोई सबाब है
जो इस सिम्त गयी आज मैं
मुझे यकीन है ये तेरा करम ही है
मुझसे हुई कोई खता नहीं

तेरे दर ही के आगे ख़ाक हों
इससे ज्यादा क्या चाहिए
वो बशर ही क्या जिसकी जिंदगी
तेरे इश्क में होती फ़ना नहीं


14 comments:

Er. सत्यम शिवम said...

बहुत ही सुंदर एहसासों में सनी एक खुबसुरत सम्पू्र्ण रचना....लाजवाब।
*साहित्य प्रेमी संघ*

रश्मि प्रभा... said...

ये गुनाह नहीं कोई सबाब है
जो इस सिम्त आ गयी आज मैं
मुझे यकीन है ये तेरा करम ही है
मुझसे हुई कोई खता नहीं
bahut badhiyaa

वन्दना said...

आपकी रचनात्मक ,खूबसूरत और भावमयी
प्रस्तुति भी कल के चर्चा मंच का आकर्षण बनी है
कल (10-3-2011) के चर्चा मंच पर अपनी पोस्ट
देखियेगा और अपने विचारों से चर्चामंच पर आकर
अवगत कराइयेगा और हमारा हौसला बढाइयेगा।

http://charchamanch.blogspot.com/

इमरान अंसारी said...

शिखा जी,

सुभानाल्लाह......बहुत खूबसूरत ग़ज़ल......उसका इश्क ही सच्चा इश्क है....

सदा said...

बहुत ही सुन्‍दर ...शब्‍द

Kailash C Sharma said...

तेरे दर ही के आगे ख़ाक हों
इससे ज्यादा क्या चाहिए
वो बशर ही क्या जिसकी जिंदगी
तेरे इश्क में होती फ़ना नहीं।

बहुत सुन्दर...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

आपकी रचना वास्तव में सुन्दर है!

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

खूबसूरती से लिखे एहसास

ehsas said...

तेरे दर ही के आगे ख़ाक हों
इससे ज्यादा क्या चाहिए
वो बशर ही क्या जिसकी जिंदगी
तेरे इश्क में होती फ़ना नहीं।

अपने आप में ये लाईन ही बहुत कुछ कह जाती है।

धीरेन्द्र सिंह said...

एक अच्छी सुफियाना प्रस्तुति।

Sunil Kumar said...

मुझे यकीन है ये तेरा करम ही है
मुझसे हुई कोई खता नहीं
खुबसूरत शेर दाद तो देनी ही पड़ेगी ,बहुत खूब ..

Patali-The-Village said...

आपकी रचना वास्तव में सुन्दर है|धन्यवाद|

JHAROKHA said...

shikha ji
badi hi khoobsurati ke saath apne jajbaato ko aapne ukera hai.


तेरे दर ही के आगे ख़ाक हों
इससे ज्यादा क्या चाहिए
वो बशर ही क्या जिसकी जिंदगी
तेरे इश्क में होती फ़ना नहीं।
bas dil se nikla -----wah.wah
poonam

***Punam*** said...

हर शै में है उसकी ही रौशनी
कोई जगह न बची जहाँ वो नहीं!!"

खूबसूरत भाव....
सभी रचनाएं दिल से लिखी गई हैं..
और इसी लिए दिल को छूती भी हैं...!!