Tuesday, February 22, 2011

दाम......

सीने में उठी है एक लहर
शायद मुहब्बत नाम है
दो दिलों को जोड़ना
महकाना ही इसका काम है

आती जाती हर सांस पर
तेरी आरज़ू के राग हैं
हर एक धड़कन मेरे दिल की
अब तो तुम्हारे नाम है

तेरी फुर्कत से रंगी
मेरी तन्हा हर शाम है
हर दिन बदबख्त सा हुआ
और ग़मज़दा हर रात है

मेरी तड़प तो देख तू
कि जिंदगी की कैद से
तेरा वस्ल ही अब मुझे
निज़ात दिलाने का दाम है





15 comments:

Mukesh Kumar Sinha said...

seene me uthti lahar ka naam mohabbat hai...........:)
bahut khub!!
pyari najm!

रश्मि प्रभा... said...

आती जाती हर सांस पर
तेरी आरज़ू के राग हैं
हर एक धड़कन मेरे दिल की
अब तो तुम्हारे नाम है
bahut achhi rachna

sagebob said...

बहुत ही उम्दा.
तेरा वस्ल ही निजात है.
क्या बात है.
सलाम

Kailash C Sharma said...

मेरी तड़प तो देख तू
कि जिंदगी की कैद से
तेरा वस्ल ही अब मुझे
निज़ात दिलाने का दाम है।

बहुत सुन्दर भावपूर्ण रचना..

वन्दना said...

वाह बहुत सुन्दर भावाव्यक्ति।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

दर्द को भी खूबसूरत शब्दों में ढाला है ..बहुत सुन्दर प्रस्तुति

Atul Shrivastava said...

दर्द का वर्णन और उसकी दवा भी। अच्‍छी रचना।

Mithilesh dubey said...

बहुत ही उम्दा रचना , बधाई स्वीकार करें .
आइये हमारे साथ उत्तरप्रदेश ब्लॉगर्स असोसिएसन पर और अपनी आवाज़ को बुलंद करें .कृपया फालोवर बनकर उत्साह वर्धन कीजिये

Sunil Kumar said...

मेरी तड़प तो देख तू
कि जिंदगी की कैद से
तेरा वस्ल ही अब मुझे
निज़ात दिलाने का दाम है
खुबसूरत अहसास को खुबसूरत अल्फ़ाज देना तारीफ़ के क़ाबिल है |शुभकामनायें

ehsas said...

मेरी तड़प तो देख तू
कि जिंदगी की कैद से
तेरा वस्ल ही अब मुझे
निज़ात दिलाने का दाम है।

भावनात्मक अहसासों से भरी सुंदर रचना।

PADMSINGH said...

खूबसूरत नज़्म ... बधाई

Mithilesh dubey said...

बहुत अच्छी रचना

नारी स्नेहमयी जननी

निर्मला कपिला said...

तेरी फुर्कत से रंगी
मेरी तन्हा हर शाम है
हर दिन बदबख्त सा हुआ
और ग़मज़दा हर रात है
दर्द की दास्तां को सुन्दर शब्दों मे पिरोया है। शुभकामनायें।

Abnish Singh Chauhan said...

"सीने में उठी है एक लहर/शायद मुहब्बत नाम है/दो को जोड़ना/महकाना ही इसका काम है" -बहुत सुन्दर

Surendrashukla Bhramar-सुरेन्द्र शुक्ल भ्रमर५ said...

आती जाती हर सांस पर
तेरी आरज़ू के राग हैं
हर एक धड़कन मेरे दिल की
अब तो तुम्हारे नाम है

बहुत सुन्दर शिखा जी दीपक जलाते रहिये इसी तरह आप की छोटी रचनाएँ क्षणिकाएं ऊपर की पंक्ति बहुत प्यारी लगी
आइये कृपया हमें भी अपना समर्थन व् सुझाव दें